भाजपा का आदेश – सभी विश्वविद्यालयों में ऊंचाई पर लहराया जाएगा तिरंगा, सबसे पहले JNU में

केंद्र सरकार की एक पहल के अनुसार 207 फ़ीट की ऊंचाई पर लहराया जाएगा राष्ट्रीय ध्वज. यह निर्णय सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की एक बैठक में लिया गया.

JNU के छात्रों की देशभक्ति पर सरकार को शक है शायद इसीलिए तो ख़ास तौर पर इसी का नाम सबसे पहले लिया, और JNU को इस बात का गर्व है की सबसे पहले उन्हीं को तिरंगे झंडे तले बैठ कर देश के बारे में विचार करने का मौका मिलेगा. JNU एक ऐसा विश्वविद्यालय है जहाँ अध्यापक और विद्यार्थी मिल कर पढ़ाई के साथ साथ देश और दुनिया के प्रति सतर्क रहते हैं. हाल ही में JNU के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने केंद्र सरकार को NON NET SCHOLARSHIP के मुद्दे पर घेरा था और माननीय स्मृति ईरानी के सामने विरोध प्रदर्शन किया था, न केवल NON NET SCHOLARSHIP पर बल्कि WTO, रोहित की आत्महत्या का केस और कुछ और शिक्षा से सम्भंदित विषयों पर JNU ने अपनी बात रखनी चाही जिसके कारण सरकार के साथ गरमा गर्मी बानी. देशविरोधी गतिविधियों का JNU ने हमेशा से खंडन किया है पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद जिसमें आपत्तिजनक नारे लगे थे (जिसका अभी तक पता नहीं चला की वह साजिश थी किसकी) केंद्र सरकार और भाजपा समर्थकों का निशाना JNU बन गया है.

अब तिरंगा भी इन जोशीले नौजवान और सतर्क विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करता रहेगा. हलाकि JNU को भी पूरी तरह राजनीती से हटकर नहीं देखा जाता क्यूंकि यहाँ की छात्र राजनीती में वामपंथ का प्रभाव गहरा है. आशा यही है की कुलपतियों की अगली बैठक में विद्यार्थी हीत और शिक्षा के हीत के लिए अच्छे कदम उठाये जायेंगे.