Shehla Rashid- The Courageous Vice President of JNU.

मिलिए JNU की Vice President Shehla Rashid से, जम्मू कश्मीर से आई एक क्रांतिकारी युवती जो अपने साहस से समाज के उत्थान के लिए कार्य करती है और सरकार की गलत नीतियों का पुरज़ोर विरोध करने से भी नहीं डरती.
Shehla Rashid- JNU Vice President.

Read same interview in English: Shehla Rashid – The Vice President of JNU and a revolutionary educationist from Jammu and Kashmir.

Aakanksha Sehgal(Aapka Times)- हाल ही में आपने बाबा रामदेव को JNU से दूर रखने का प्रयास किया और वह सफल भी रहा. कुछ दिन पहले ही इलाहबाद में योगी आदित्यनाथ को रोका गया जिसमें JNU भी उनके साथ खड़ा था. क्या इसके पीछे की वजह महज़ एक पार्टी विशेष का विरोध करना है?
Shehla Rashid- ऐसा नहीं है की हम बीजेपी के नेताओं का विरोध करते हैं. अगर बीजेपी से जुड़े मंझे हुए काबिल स्कॉलर्स या टीचर्स को बुलाया जाता तो हम उनका विरोध नहीं करते. JNU पूरे भारत का एक प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान है और JNU की वेदांता मीट कोई छोटी मीट नहीं थी.
जो लोग homosexuality को बीमारी बताते हैं और मुसलमानों के लिए population control policy लाना चाहते हैं और ऐसे नफरत भरे बयान देते हैं उनको JNU में बुलाने का मतलब है की JNU का उनके बयानों को endorse करना. जबकि JNU में कई छोटी व् बड़ी societies हैं जैसे Anti Sexual Harassment Cell, Dhanak- The queer group जो महिलाओं के साथ साथ LGBT/ third gender/ queers समुदाय से जुड़े हुए लोगों का समर्थन करती है और उनके उत्थान के लिए कार्य भी करती है. ऐसे आपत्तिजनक बयान देने वालों की JNU में कोई जगह नहीं, यही बात हमने JNU प्रशासन को बताई और हमें ख़ुशी है की बाबा रामदेव ने या JNU प्रशासन ने हमारी बात को समझा.

Aakanksha Sehgal“Occupy UGC” के माध्यम से आप लगभग 70 से अधिक दिनों से अपनी मांगें उठा रहे हैं. ये कब तक जारी रहेगा? क्या आपको लगता है सरकार आपकी मांगें कभी पूरी करेगी?
Shehla Rashid- सरकार से कोई उम्मीद करना तो बेकार ही है, वह तो WTO के सामने अपने घुटने टेक आई है. अब हमें उम्मीद है तो बस अपने आंदोलन से. अपनी आवाज़ उठाने से सरकार पर दबाव बनाने की उम्मीद है. हमारी मांग है की NON-NET SCHOLARSHIP बड़ाई जाए और सभी स्टेट यूनिवर्सिटीज में पड़ने वाले छात्रों तक इस को पहुंचाया जाए जिस से की वह अपनी उच्च शिक्षा आसानी से पूरी कर पाएं. Merit अनुसार सिर्फ चुनिंदा लोगों को देना उन लोगों के साथ अन्याय है जो इतनी महनत करके यहाँ तक पहुंचे पर किसी कारन वश चंद अंकों से रह गए. हम लोगों में से कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके अभिभावक सिर्फ पैसों की कमी के कारण आगे पढ़ाई नहीं करने देते इसीलिए Scholarship ज़रूरी है. सरकार का उच्च शिक्षा पर ध्यान देना देश की प्रगति के लिए बहुत जरुरी है.

Aakanksha-Free Basics by Facebook पर JNU का क्या विचार है?
Shehla Rashid- Internet करोड़ों Service Providers के दम पर चलता है. Facebook के द्वारा Free Basics Net neutrality को तबाह करने जैसा है, Facebook और Reliance मिलकर Internet पर राज करना चाह रहे हैं और गरीब लोगों का बहाना बना कर अपने इस तीर को चला रहे हैं. मोदी जी हर गाँव को Digitalize करना चाहते हैं तो सरकार का ये फ़र्ज़ है की इस सपने को अपने दम पर पूरा करे न की Facebook और Reliance के सहारे. Reliance पर पहले ही भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगे हुए हैं. Free basics सिर्फ चुनिंदा Applications या Websites पर लागू होगा, गरीब लोगों को यह ही दिखाई जाएंगी, हो सकता है वो इसे ही पूरा Internet समझ ले. इस से अपनी मर्ज़ी से Facebook किसी भी चीज़ या पोस्ट पर नियन्त्रण रख सकता है, कहीं न कहीं लोगों की सोच पर भी नियन्त्रण रख सकता है, और Internet पर पूरी आज़ादी को बंद कर सकता है.

Aakanksha- आपकी शुरुवाती शिक्षा कहाँ हुई और आपका छात्र राजनीती खास कर लेफ्ट विंग में आना कैसे हुआ?
Shehla Rashid- मैंने जम्मू कश्मीर से B.Tech. की हुई है. AISA से 16 december के दर्दनाक हादसे के बाद जुडी, AISA के विचारों को समझा और उनसे काफी प्रभावित हुई. बाकी लोग जहाँ फांसी की मांग कर रहे थे AISA उसके साथ साथ महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरन पर भी ज़ोर दे रही थी, महिलाओं को पूरी आज़ादी देने के लिए आवाज़ उठा रही थी जिसका बहुत महत्व है. Kavita Krishnan से मैं बहुत प्रभावित हुई, मेरे अनुसार अपने विचारों के विस्तार और उन पर काम करने के लिए एक अकेले व्यक्ति को समूह का साथ लेना ही होता है. एक अकेला व्यक्ति रुक भी जाता है पर समूह हमेशा चलता रहता है इसीलिए का AISA का साथ देने की सोची.

Aakanksha-लड़कियों के लिए राजनीती कभी भी अच्छी नहीं समझी जाती और JNU तो हमेशा ही निशाने पर रहा है क्या आपको आपके CAMPUS के अंदर या बहार कभी किसी तरह का खतरा महसूस हुआ है?
Shehla Rashid- ABVP हमेशा से यही करती हुई आई है अपनी पब्लिसिटी चाहती है जिसके कारण अक्सर आक्रामक हो जाती है. ABVP का रूप अक्सर हिंसात्मक ही रहा है, चाहे फिर वो कैंपस के अंदर हो या बहार. सबकी अपनी विचारधाराएं होती हैं, छोटे मोटे मत भेद तो होते रहते हैं पर अपनी राजनैतिक भावनाओं को इतना भी हावी नहीं होने देना चाहिएं की वो अपने ही सेह पाठियों के खिलाफ हिंसा बन कर सामने आये.

Aakanksha-क्या आपके अभिभावक आपके राजनीती में उतरने के कदम से खुश हैं? आप अपनी आप को आज से 6-7 साल बाद कहाँ देखती हैं? मूल राजनीती में?
Shehla Rashid- मेरे माता पिता शुरू शुरू में मेरे इस कदम के खिलाफ थे पर अब वह भी शायद वक्त की जरुरत को समझ चुके हैं, डर तो उनको लगता ही होगा पर अब वह मेरा साथ कुछ इस प्रकार देते हैं की हाँ नहीं करते तो मना भी नहीं करते. आगे भी मेरी रूचि पढ़ाई के साथ साथ राजनीति में भी रहेगी हम किसी तरह के लालच के पीछे नहीं भागते, सच में बदलाव की लड़ाई लड़ते हैं. MLA/MP की सीट से खड़े होने का मौका मिलता है तो उसमें भी कोई आपत्ति नहीं है पर आम जन्ता के ऊपर होने वाले अन्याय के खिलाफ हम आवाज़ हमेशा उठाते रहेंगे. हम काम करने पर ध्यान देते हैं जीत तो अपने आप मिलती है आपने देखा होगा की अब DU में भी हमारा साथ कई साथी देने लगे हैं, सिर्फ हमारे काम से प्रभावित होकर. समाज और महिलाओं के उत्थान के लिए काम हमेशा ही चलता रहेगा!

Aakanksha- हर समय क्रांतिकारी रूप में देखे जानी वाली शेहला असल ज़िन्दगी में कैसे वक्त बिताना पसंद करती हैं? दोस्तों के साथ पिक्चर या माँ बाप के साथ गप्पें?
Shehla Rashid- समय तो काफी कम ही मिलता है, हम इसे काम या बोझ नहीं समझते. हमारी लड़ाई के दौरान हम कई बार नुकड़ नाटक, गीत, वाद विवाद आदि का सहारा लेते हैं जिस से मनोरंजन भी हो जाता है और दिलों के अंदर लगी हुई बदलाव लाने की आग भी जलती रहती है. यह सब बहुत प्रेरित करता है और अधिकतर समय यूँ ही Comrades के साथ बीत जाता है.

Aakanksha- आप हमारे रीडर्स से कुछ कहना चाहती हैं?
Shehla Rashid- किसी को भी किसी पर आँख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिएं. कोई भी हो, बेशक हम भी हों सब पर सवाल उठाने चाहिएं. मोदी जी विकास पुरुष हैं पर विकास किस प्रकार का है? कहाँ है ?… जागरूकता और आस पास की घटनाओं की तरफ पैनी नज़र ही हमें देश का एक अच्छा नागरिक बनाती है.

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