जानवी के माता पिता के नाम, जानवी की बहन का पत्र

प्रिय अंकल और आंटी

जानवी को आज कल TV पर देख कर बहुत गर्व महसूस होता है, गर्व महसूस होता है क्यूंकि इतनी छोटी सी उम्र में देश के प्रति इतनी जागरूकता एक असाधारण सी ही बात है! जानवी को अपनी छोटी बहन मानने लगी हूँ क्यूंकि शायद उसी की तरह मैं भी राजनीति में रूचि रखने वाली और प्रधानमंत्री में विश्वास रखने वाली मात्र उस से पांच साल बड़ी दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली, इसी देश की छात्रा हूँ और अगर वोह मेरी बहन है तो आप मेरे माता पिता।
माता पिता का असली फ़र्ज़ अपने बच्चों को सही शिक्षा देना होता है, उसे बताना होता है की राजनीति में चीज़ें सही गलत से भी काफी ऊपर होती हैं, यहाँ किसी का फैन किस सनक तक होना चाहिएं यह बताना भी उनका ही फ़र्ज़ होता है!

देख कर हर्ष हुआ की मेरी छोटी बहन जानवी ने  नशे के खिलाफ मुहीम छेड़ी  और स्वच्छ भारत अभियान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया पर जिस तरह आपने जानवी को मीडिया हाउसेस के सामने लाकर रख दिया उससे तो यह ही प्रतीत हो रहा है की आप भी कहीं न कहीं अपनी बेटी के कन्धों पर बन्दूक रख कर गोली चला रहे हैं और जिस गोली से आपको ही प्रसिद्धि या पैसा मिलेगा।

क्यों कर रहे हैं न आप अपनी बेटी का उपयोग? कोई भी आम माता पिता होते तो वह अपने बच्चों को पत्रकारों और नेताओं से दूर रहने के लिए बोलते तब तक जब तक उनमें बातों को समझने की शक्ति नहीं आ जाती। जिस तरह मेरी बहन डिबेट्स में हिस्सा ले रही है उस से साफ़ यही पता लगता है की जो वो बोल रही है वह उसके खुद के शब्द नहीं हैं, वह उसकी खुद की सोच नहीं है।   हर बात का जवाब सैनिकों से शुरू होता है और देशद्रोहियों पर खत्म।

जिस “देश द्रोह ” शब्द का मतलब बड़े बड़े ज्ञानी भी नहीं समझ पाये उसे वह क्या समझेगी। शायद आप ही के कहने पर उसने कन्हैया को खुल्ला चैलेंज दिया था।

क्या उसे कश्मीर में बरसो से चले आरहे AFSPA के बारे में पता है ?

क्या उसे IROM शर्मीला के बारे में पता है ?

क्या उसे योगी आदित्यनाथ, साध्वी प्राची, आज़म खान, ओवैसी के बारे में पता है ?

क्या उसे बीफ के पीछे की कहानी पता है ?

क्या उसे OCCUPY UGC के बारे में पता है ?

अगर नहीं पता तो बताइये, अगर सिक्के के हज़ार पहलूँ हों तो हज़ारों पहलुओं के बारे में बताया, आप नेता नहीं है जो एक बच्चे का चेहरा आगे कर के अपना मुनाफा कमाएं। आप माँ बाप है उस कोमल फूल के जिसको आप जिस दिशा में उगने के लिए बोलेगे वह उसी दिशा में उग जायेगा।

आशा है मेरी बातें सुन कर आपकी आँखें खुलेंगी.उम्मीद यही रहेगी की जानवी को आगे चल कर देश की जानी मानी यूनिवर्सिटीज  में दाखिला मिले और वह भारत की एक अच्छी नागरिक बने.

आपकी पुत्री की बहन
आकांक्षा सहगल

7 thoughts on “जानवी के माता पिता के नाम, जानवी की बहन का पत्र

  1. If her parents understood this, she will be able to become a good citizen, a patriot and humanist, not a petty nationalist.

  2. मिस आकांक्षा, धाराप्रवाह लेटर अच्छा लगा। कई सवाल खड़े किए हैं आपने। लेकिन AFSPA, योगी आदित्यनाथ, साध्वी प्राची, आज़म खान, ओवैसी, बीफ के पीछे की कहानी, OCCUPY UGC जैसे मुद्दों से अगर जानवी अनजान है इसका मतलब यह नहीं उसे बोलने की आजादी के बारे में भी न पता हो… एज्यूम न कीजिए। ऐसा हो सकता है, ऐसा हुआ होगा… जैसे शब्दों से बचिए…. गंभीरता वाली बात करनी हो तो फैक्ट आधारित बात करें…

  3. आकांक्षा ने बिल्कुल सही लिखा है. बलके लाखों लोगों के दिल की बात को शब्द पहनाए हैं.

    जब बड़े, बड़े कन्हैया के सच का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं तो एक बच्ची का सहारा ले रहे हैं. ऐसा कर ने से उस के अभिभाव्क को कीट ने में खरीदा गया होगा, या क्या लालच दिया होगा इस की कल्पना की जेया सकती है. जान्हवी के मा, बाप द्वारा की गयी उस की परवरिश में कहीं कोई कमी ज़रूर है.

  4. I think Akansha ji, u want Jhanvi to be selective as u, but there are some question for u too :-
    1) She should also ask about Maowaadi and why they destroy school which are made for poor.
    2) She should also ask why Bengal and Kolkata are destroyed by opportunistic Communist.
    3) Where were those Deshbhakt JNU Student when somebody came and said slogan such “Bharat ki Barbaadi tak, jang rahegi”
    4) Who are those people who blame Brahmin for everything but do not speak on Kashmiri Pandit , which is the biggest Mass Migrant of India after Independence.

    There are many questions and i urge u to answer it as u r her elder sister and she is too small to understand ur political Game.

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