B.N.M.U बचाओ आंदोलन की रणनीति को लेकर गोलबंद हुए छात्र संगठन ।

बीएनएमयू परिसर मे छात्र संगठनो ने बैठक कर संयुक्त छात्र संगठन के बैनर तले बीएनएमयू बचाओ आंदोलन की तैयार शुरू की

बैठक मे बीएनएमयू के प्रथम दीक्षांत समारोह मे व्यवसायिक पाठ्यक्रम के छात्रो को शामिल नहीं करने, वर्षो से एक ही पदो पर जमे पदाधिकारियों के स्थानांतरण, विश्वविद्यालय का डिजिटीलाइजेशन एवं छात्र ,शिक्षक और कर्मचारियों के उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक लैब की व्यवस्था, ऐकेडमिक कैलेण्डर लागू करने, विजिटिंग प्रफेसर महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह की वस्तुस्थिति करने एवं उनका अविलंब पदस्थापना करवाने, व्यवसायिक पाठ्यक्रम को यूजीसी से मान्यता दिलाने , गर्ल्स हॉस्टल की सुविधा विश्वविद्यालय क्षेत्राधिकार मे बहाल करने, छात्र संघ चुनाव करवाने, विश्वविद्यालय परिसर मे पेयजल व शौचालय एवं छात्राओ के लिए काॅमन रूम की व्यवस्था करने, 75% उपस्थित को धरातल पर अनिवार्य करने जैसे कई मुद्दो पर चर्चा की गई और आंदोलन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्मो की घोषणा की गयी।

सर्वसम्मिति से बैठक में निर्णय लिया गया कि 11 जुलाई को धरना ,13 जुलाई को पुतला दहन, 18 जुलाई को मौन जुलूस, 21 जुलाई को थाली पीटो आंदोलन, 23 जुलाई को चूड़ी पहनाओ , 25 जुलाई को नंग धडंग आंदोलन और 27 जुलाई को अर्थी जुलूस का कार्यक्रम हैं और आंदोलन अनवरत अंजाम तक जारी रहेगी ।

बैठक कि अध्यक्षता छात्र समागम के विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमोद कुमार और संचालन एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव मनीष कुमार ने किया बैठक मे छात्र रालोसपा के जिला अध्यक्ष डी0के0 कुमार, छात्र जाप के विश्वविद्यालय अध्यक्ष आशिष कुमार पप्पू ,एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय प्रतिनिधि प्रभात कुमार मिस्टर, एआइएसएफ के विश्वविद्यालय प्रभारी हर्षवर्धन सिंह राठौर, एनएसयूआई नेता निशांत यादव, छात्र जाप के हिमांशु शेखर, बिट्टू, रोशन एनएसयूआई के लक्ष्मण, जुगनू ,अमित, गुड्डू आदि मौजूद थे ।