गेस्ट टीचर्स की नौकरी पर संकट के बादल; शिक्षा विभाग ने गेस्ट टीचर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 26 से शुरु की

दिल्ली के शिक्षा विभाग द्वारा जारी सर्कुलर से विगत कई वर्षों से कार्य कर रहे गेस्ट टीचर्स में हड़कंप मच गया है। विभाग द्वारा जारी सर्कुलर में सत्र 2017 – 18 में गेस्ट टीचर्स भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए है जिसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया 26 मई से शुरू हो रही है। शिक्षा विभाग के इस तुगलकी फरमान से गेस्ट टीचर्स भड़के हुए हैं। गेस्ट टीचर्स का मानना है कि दिल्ली सरकार ने पिछले कई सालों से कार्य कर रहे गेस्ट टीचर्स को पक्का करने का वादा किया था लेकिन पिछले तीन साल में गेस्ट टीचर्स को स्थाई करने की पॉलिसी नही बनाई गई है बल्कि अब विभाग उन्हेँ नौकरी से हटाने की दिशा में कार्य कर रहा है। गेस्ट टीचर्स का कहना है कि दिल्ली से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे काफी गेस्ट टीचर्स तो ओवर ऐज हो चुके हैं जो इस भर्ती में आवेदन ही नही कर पायेंगे जबकि 2014 में गेस्ट टीचर्स को उम्र सीमा में 5 साल की छूट दी गई थी। उसके बाद 2015 से गेस्ट टीचर्स का अनुबंध लगातार बढ़ाया जाता रहा है लेकिन इस बार शिक्षा विभाग द्वारा गेस्ट टीचर भर्ती का विज्ञापन जारी कर पहले से कार्य कर रहे 17000 गेस्ट टीचर्स में भारी असन्तोष व्याप्त हो गया है। शिक्षा विभाग द्वारा गेस्ट टीचर भर्ती का विज्ञापन निकालने से विगत कई वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों में आंशका पैदा हो गयी है कि सत्र 2017 – 18 में गेस्ट टीचर्स का रिन्यूअल किया जाएगा या फिर सभी को नए सिरे से आवेदन करना पड़ेगा।
अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने अपने चुनावी वादे के अनुसार गेस्ट टीचर्स को स्थाई करने की कोई पॉलिसी आज तक नही बनाई है बल्कि नई भर्ती निकाल कर उन्हें नौकरी से हटाने के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है जिसके लिए नए सिरे से ऑन लाइन आवेदन मांगे गए हैं। गेस्ट टीचर्स का कहना है कि विज्ञापन में  विषयवार रिक्त पदों की संख्या का कोई उल्लेख नही हैं कि कितने पदों और किस विषय के लिए आवेदन माँगे गए हैं। अतिथि अध्यापकों का यहाँ तक कहना है कि प्राइमरी गेस्ट टीचर्स और पुस्तकालयाध्यक्ष पदों पर काफी शिक्षक हटाये गए है उन्हें आज तक पुनः नियुक्ति नही मिली है वही अर्थशास्त्र ओर कॉमर्स विषय के अध्यापक पुनः नौकरी पाने के लिए शिक्षा विभाग के धक्के खा रहे हैं लेकिन पद खाली होने के बावजूद शिक्षा विभाग ने किसी को नौकरी नही दी है ऐसे में जब पुराने गेस्ट टीचर्स के आवेदन शिक्षा विभाग में पड़े है तो नए सिरे से भर्ती का विज्ञापन निकालने का सरकार का निर्णय समझ से परे हैं।
गेस्ट टीचर्स ने मांग की है कि पहले से कार्यरत गेस्ट टीचरों का अनुबंध अगले सत्र के लिए बढ़ाया जाए और हटाये गए टीचर्स , जिनके आवेदन शिक्षा विभाग में पड़े है उन्हें पहले नौकरी दी जाए। अर्थशास्त्र और कॉमर्स विषयों में घटती छात्र संख्या को रोकने का प्रयास करते हुए हटाये गए गेस्ट टीचर्स को पुनर्नियुक्ति प्रदान की जाए। अतिथि शिक्षकों का दावा है अगर सरकार विज्ञापन को तुरंत निरस्त कर पुराने गेस्ट टीचर्स का रिन्यूअल नही करती है तो सभी गेस्ट टीचर्स सड़को पर उतर कर आंदोलन करने को विवश होंगें। सरकार अपने वादे के खिलाफ कार्य करती है तो गेस्ट टीचर्स के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
(डॉ रचना, गेस्ट टीचर्स प्रतिनिधि)