कन्हैया के माँ-बाप का दर्द

बिना रुके धड़ाधड़, सिर्फ अपनी आवाज के दम पे बोलने वाले कन्हैया जिसको  राजनैतिक साजिश के चलते कुछ लोगों ने उसे भारत माँ के लिए खतरा घोषित कर दिया है देखें की आखिर  किस परिस्थिति से गुज़र रहा है कन्हैया का परिवार। बिहार के बेगुसराय के बेहद पुराने ईंटों से बने मकान में रह रहे बुज़ुर्ग माँ बाप को जब यह पता चला की उनके लाल पर देश द्रोह की कालिख पोथी जा रही है तब उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गयी। वह बेटा जो तीन सालों से पैरालिसिस का शिकार हुए बाप की सेवा करता है, जिस घर को चलाने के लिए JNU में पढ़ता है आज उसी घर की इज़्ज़त पर आंच आई थी पर उस घर के सामने लोग इस परिवार के समर्थन में भी खड़े थे.

कन्हैया के पिता जी ने उन लोगों को सम्भोदित करते हुए कहा ” मैं सिर्फ 10 तक पढ़ा हूँ, पर मेने पूरी कोशिश की है की मेरे बच्चे पर मेरे गरीबी का बिलकुल असर न पढ़े, यह बात कन्हैया भी अच्छे से जानता है की हम गरीबों के लिए शिक्षा ही मात्र एक ऐसा सहारा है जो अच्छा जीवन व्याप्त करने में सहायता करती है. ऐसा कोई वीडियो सामने नहीं आया है जिसमें यह पता लगे की मेरे बेटे ने मेरे देश की खिलाफ कोई नारा लगाया या कोई बात कही”

कन्हैया की माँ जो की एक आंगनवाड़ी में काम कर के मात्र तीन हज़ार रुपए महीना कमाती हैं उन्होंने कहा की “यह मात्र एक बुरा वक्त है जो जल्द ही खत्म हो जाएगा, मेरा बेटा देश के खिलाफ कोई काम कर ही नहीं सकता मुझे पूरा विश्वास है उस पर, इस देश की न्याय प्रणाली पर और उस भगवान पर भी जो सदा हमारे साथ है” टीवी के आगे बैठने के लिए भी कन्हैया के पिता जी को काफी दिक्कत होती है, पर बेटे की खबर लेने के लिए वह अपनी तकलीफ भूल बैठे रहे और साथ ही साथ भारत की राजनीती को कोसते रहे! कन्हैया के पिता जी को किसी कारणवश अपनी दसवी छोड़नी पढ़ी पर माँ दसवी पास है, जैसे तैसे उन्होंने अपने तीन बेटों को पढ़ाया और कन्हैया के सबसे बड़े भाई की नौकरी हाल फिलहाल में ही आसाम की एक कंपनी में लगी।